ISSN : 2348-2656
Coherent Identifier 20.500.12592/nwfrbj

ISSN : 2348-2656

18 March 2021

Summary

भंडारण में वायु भडं ारण में होने वाले नुकसान से सुरक्षा के उपाय भंडारण में वा्ुय की आवश्यकता अिाज त्ा कीट ककसी भी तरह के िकसाि से बचिे के सलए हमें दोिों के सलए आवश्यक हरै। लेककि ्यदद इस वा्ुय की ु क्या-क्या सावधानि्या ं ध्याि में रखिी हरै ्यह अनत मात्रा को निजशचत सीमा से कम कर दद्या जाए तो आवश्यक हरै। ्यदद सावधानि्यां ध्याि में रखी जाएं तो भंडारण में पा्ेय जािे वाले कीट सवतः ही मर जा्यगेें । िकसाि. [...] बीज की दर से उपचाररत करिा प््योग करें। चादहए। उसके बाद ही जीवाणु टीका से उपचाररत करें। • कददवूगधी्य फसलों की सम्य-सम्य पर निगरािी नतल की बुवाई रखें। आवश्यकतािुसार ससचंाई करत े रहें और सा् ही फसलों को कीटों के कुप्भाव से बचािे खरीफ में नतल की बुवाई जूि के अनंतम सपताह से के सलए उगचत कदम उठाएं। त्यरै ार फलों की लेकर जुलाई के प््म सपताह के बीच उप्ुयकत होती हरै। तड़ु ाई करके बाजार में भेजत ेरहें। बवु ाई. [...] की मात्रा से अचछी प्कार से समटटी में खरपतवारों, कीड़-ेमकोड़ों एव ं रोगों का समुगचत प्बधं ि समला दें। भी आवश्यक हरै। • जिू के माह में ्यदद प्याज की परौध की बुवाई की धान में ससय-कक्रयाएं गई ्ी तो इस परौध की रोपाई जलु ाई के दसूरे पखवाड़ े में अवश्य सपं न्ि कर लें। रोपाई धाि की रोवपत फसल में ससचंाई की प्यामापत एवं सामान््यत: 15 से.मी. [...] में फुटाि होत ेसम्य, बासल्या ं निकलत ेसम्य त्ा दािा ग्रा./हेकटे्यर के दहसाब से बवाई के सम्य उवरमा क के बित ेसम्य िमी की कमी िही ं होिी चादहए। बाजरा में ुसा्-सा् समटटी में समलाएं। तिा मकखी के प्कोप की संभाविा रहती हरै। इसकी रोक्ाम के सलए 15 ककग्रा./हेकटे्यर की दर से फोरेट ्या गनने की िेखभाल एवं सुरक्षा 25 ककग्रा. [...] लीटर पािी में घोलकर नछड़काव करें और इसे की दरूी पर की जा सकती हरै| रोपाई के तुरंत बाद दोबारा दोहराएं। एक हलकी ससचंाई करें। • अगूंर की फसल में सूंड़ड्यों के प्कोप की पररजस्नत • सभडंी की फसल में निराई-गुड़ाई आदद करके में उप्ुयकत कीटिाशी दवारा इिका नि्यत्रं ण खरपतवारों का नि्यंत्रण करत े रहें। फलों की अवश्य करें। नि्यसमत तुड़ाई करके बाजार में बेचत ेरहें। • अमरूद की बरसाती फसल की तुड़ाई करके बबरिी • समच मा.

Pages
112
Published in
India

Creators/Authors

CESCRA
Centre for Environment Science and Climate Resilient Agriculture