ISSN : 2348-2656
Coherent Identifier 20.500.12592/qp426t

ISSN : 2348-2656

18 March 2021

Summary

व्यास के छेद ककए जात ेहैं। इि के परौधों को एक गरसन्हत माध्यम में जहां प्रकाश, पाइपों के बदं शसरे की ओर कम से कम 100 ली्र तापमाि और पोषक ततव नि्ंयत्त्रत मात्रा हो में उगािे के षिमता की पािी की ्ंकी जमीि में रखी जाती है सजससे ववज्ाि को ‘हाइड्ोपोनिक’ कहत ेहैं। हाइड्ोपोनिकस एक परौधों के शलए पाइपों में जलापटूनत ्च की जाती है। इि मो्े ऐसी तकिीक है, सजसमें फसलों को त्बिा खेत में लगाए पाइपों के निरले शसरो. [...] के बीर समा्योसजत कक्या जा सकता है। दवारा धाि क्ाई के बाद उसके अवशषेों में गेहटूं की बुवाई इसको 35 से 45 अशव-शसकत के टै्क्र दवारा रला्या हेत ु प्र्ुयकत कक्या जाता है। ्यह ्यंत्र में िो द्ल सीड कम जा सकता है। इसकी का्य ्च षिमता 0.2 हेक्े्यर/घ्ं ा है। फ्टीडड्ल के सभी गणु है। इस ्यंत्र में फसल के अवशषेों इस ्यंत्र में उभरी हुई मेंड़ बिािे के शलए ररजर लगे होत े आदद को दबािे के शलए रपैर लगा रहता है। जो अ. [...] मात्रा को 600 • इस माह प्याज की रोपाई के शलए अिकु टू ल से 800 ली्र पािी में घोलकर प्रनत हेक्े्यर की दर से तापमाि रहता है। अतः त्ैयार परौध की जलद से खेत में नछड़क दें। जलद रोपाई करें। रोपाई वाले परौधे छः सपताह से ज्यादा उम्र के िही ं होिे रादहए। परौधों की छो्ी गन्ने की क्ाई एवं िेखभा् क्यारर्यों में रोपाई करें। रोपाई के 10-15 ददि उत्तरी भारत में इस माह भी गन्िे की क्ाई का पटूव ्च खेत में 20-25 ्ि/हे. [...] की 3.3 ली्र को 600 से से िष् फलों को इकटठा कर जमीि में दबा देिा 700 ली्र पािी में घोलकर बुवाई के 2-3 ददि के अदंर रादहए। सा् ही फल छेदक की् की निगरािी के जमाव से पहले प्रनत हेक्े्यर की दर से नछड़काव कर दें। शलए फेरोमोि प्रपंश @ 2-3 प्रपंश/एकड़ की दर सरसों की िेखभा् से लगाएं। पटूणरू्च प से पकी तोरी ्या सरसों की फसल को का् • गमगी के मरौसम वाली मलटू ी इत्यादद की सीधी कर सखटू िे के शलए खेतों में फैला दें. [...] पो्ाश/ तोड़िे के पशरात अगधक िमी उपसस्त होिे की अवस्ा हेक्े्यर की दर से डालिा रादहए। िाइट्ोजि की मात्रा में छा्यादार स्ाि पर समरूप से फैला देिा रादहए त्ा तीि बराबर भागों में बां्कर क्यारी के त्ैयारी के सम्य, फटू लों में िमी कम होिे के पशरात उन्हें हलके ्ा् पर ्या रोपाई के 30 ददि बाद एवं रोपाई के 60 ददि बाद बांस की ्ोकरर्यों में पकैकंग करके बाजार भेजा जाता है। उप्ुयकत उवर्च क को बराबर-बराबर भाग में द.

Pages
122
Published in
India

Creators/Authors

CESCRA
Centre for Environment Science and Climate Resilient Agriculture